सम्राट अशोक के अनमोल विचार

  • Emperor ashoka quotes in hindi/सम्राट अशोक के अनमोल विचार


  • INTRODUCTION

EMPEROR ASHOKA THE GREAT भारत के महानतम सम्राटो में से थे! और सम्राट अशोक को महानतम सम्राट की उपाधि दी गयी! अशोक को शांति और प्रेम के प्रति भी जाना जाता है! 300 bce के करीब अशोक का मौर्या साम्राज्य उत्तर में हिंदुकुश साम्राजय की श्रेणियों से लेकर दक्षिण में गोदावरी नदी के दक्षिण तथा मैसूर तक तथा पुर्व में बंगाल और अफगानिस्तान तक फैला हुआ था! यह उस समय का सबसे बड़ा भारतीय साम्राज्य माना जाता है! अशोक ने कलीग युद्ध को देखते हुए! और वहा हुए नरसंघार ने उनके हदये में गहरा परिवर्तन डाल दिया! और उनोहने शांति और मानवता के लिए बोध धर्म अपना लिया था! EMPEROR ASHOKA QUOTES IN HINDIऔर उनोहने बोध धर्म का प्रचार पुरे ऐशिया में कराया था! जिसे पुरे मानवता और शांति बनी रहे!
सम्राट अशोक का जन्म 304 BCE बिहार के पाटलिपुत्र में हुआ था! और इस समय वह जगह पटना में है! और सम्राट अशोक की मृतयु 232 BCE (aged 72) के करीब पाटलिपुत्र पटना में हुई थी! सम्राट अशोक को भारत के महानतम सम्राट के रूप में जाना जाता है! जिनोहने पुरे एशिया में बोध धर्म का प्रचार कराया था! और अशोक की महानता को देखते हुए! ही भारत के झंडे में अशोक चक्र को दर्शाया जाता है! जो की शांति और मानवता को दर्शा ता है! सम्राट अशोक मानवता में जाती और भेद भाव को बढ़ावा नहीं देते!


  • Emperor ashoka quotes and thoughts in hindi


QUOTE 1:माता-पिता का सम्मान किया जाना चाहिए! और बड़ो का भी,जीवित प्राणियों के प्रति दयालुता को मजबूत करना चाहिए! और सत्य बोला जाना चाहिए!

QUOTE 2:वह जो अपने सम्प्रदाय की महिमा बढ़ाने के इरादे से उसका आदर करता है! और दुसरो के सम्प्रदाय को निचा दिखता है!,ऐसे कृत्यों से वह अपने सम्प्रदायो को गंभीर चोट पहुचता है!

QUOTE 3:सबसे महान जित प्रेम की होती है! ये हमेशा के लिए दिल जित लेती है!

QUOTE 4:चलिए हम सुनते है!, और दुसरो के दुआरा बताये गए सिदान्तो को सुने के लिए तैयार रहते है!

QUOTE 5:विभिन कारणों से अन्य धर्मो का सम्मान करना चाहिए! ऐसा करने से आप अपने धर्म को विकसित करते है! और दुसरो धर्मो को भी सेवा प्रधान करते है!

QUOTE 6:किसी को अपने धर्म का सम्मान और किसी को दूसरे धर्म की निंदा नहीं करनी चाहिए!

QUOTE 7: हर धर्म में प्रेम, करुणा, भलाई का पोषक कोर है! बाहरी खोल में अंतर है!,लेकिन भीतरी सार को महत्व दिज्ये! और कोई विवाद नहीं होगा! किसी चीज को दोष मत दिजीये!, हर धर्म के सार को महत्व दिजीये! और तब वास्तवकि शांति और सद्भाव आएगा।

QUOTE 8:मेने कुछ जानवरो और अन्य प्राणियों को मारने के खिलाफ कानून लागु किया है!, लेकिन लोगो के बिच धर्म की सबसे बड़ी प्रगति जीवित प्राणियों को चोट न पहुचाना और उन्हें मारने से बचने के लिए उपदेश देने से आती है!

QUOTE 9:सभी इंसान मेरे बच्चे की तरह है! जो में अपने सभी बच्चो के लिए चाहता हु! में इस दुनिया में और उनका भला और ख़ुशी चाहता हु! वही में हर इंसान के लिए चाहता हु! आप नहीं समझते है! कि किस हद तक में ऐसा चाहता हु! और अगर कुछ लोग समझते है!, तो वो ये नहीं समझते है! की मेरी इस इच्छा की पूरी हद कहा तक है!

QUOTE 10:अन्य सम्प्रदायों की निंदा करना बिलकुल निषेध है! सच्चा आस्तिक वह है! सम्प्रदायों कुछ भी सम्मान देने योग्य है! उसे सम्मान देते है!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *