जाने आयुर्वेद में पानी पीने के ऐसे तीन तरीके जिसे आप 148 बीमारियों से छुटकारा पा सकते हो!

आयुर्वेद के महान ज्ञाता  बाघ भट्ट जी कहते है की आदमी का शरीर  बहुत महत्वपूर्ण है और यह शरीर बड़े  प्र्याशो के बाद मिलता है न जाने AURVEDHआपने  पिछले जन्म में कौन से अच्छे काम करे होंगे जो  यह शरीर  मिला है बाघ भट्ट जी कहते है की बीमारियों से बचना बेहतर माना जाता है ना की बीमारियों को ठीक करना बाघ भट्ट जी कहते है की खाना महत्व नही खाना पचाना महत्वपूर्ण माना जाता है की भोजन पचेगा तो रश  बनेगा और मूत्र , रश, वीर्य बनेगा! तो आइये हम आपको पानी पिने के कुछ ऐसे तरीके बताने जा रहे है की जिससे आप जीवन में कम  से कम  148 बीमारियों से छुटकारा पा लोगे!

  • खाना खाने के बाद कभी पानी नही पीना चाहये!

बाघ भट्ट जी कहते हैं की खाना खाने के बाद पानी पीना जहर पीने  के बराबर होता है इसकी वजह  यह है की हमारे पेट में एक नाभि होती है4 नाभि के बाई तरफ एक जठर होता है जिसे हम अमाशय  कहते है इसमें एक अग्नि जलती है और खाना पहले अमाशय में ही जाता है क्योंकि जब आप खाना खाते हो तो पहले वह खाना अमाशय में ही जाता है मगर हम पानी पीकर उस अग्नि को भुजा देते है जिससे भोजन पचाने के बजाय खाना सड़ता है जिससे सड़ने से पेट में गेस और जलन होती है और कई अन्य बीमारिया होती है इसलिए हमे कम से कम 1:30 घंटे क बाद पानी पीना चाहये जिससे सारा खाना पच जाए! मगर आप सोच रहे होंगे की भोजन के अंत में पानी नही पि सकते तो क्या पी सकते है इसके लिए बाघ भट्ट जी कहते है की आप छाज मठहा दूध और फल का रश पि सकते है मगर आप सुबह के बाद जूस दोपहर के भोजन के बाद मठहा और रात के भोजन के बाद दूध पि सकते है और धयान रहे इनका क्रम नही बिगड़ना चाहये

  • पानी कैसे पिया जाए!

हां ये भी एक वजह है की पानी कैसे पिया जाए हम अक्सर पानी गिलाश में लेकर गड गड पि जाते है जो बहुत गलत है हमे पानी धीरे-2 लेकर2 पीना चाहये! जिस तरह  हम गर्म चाय गरम कॉफ़ी धीरे-2 लेकर पीते  है सही तरह पानी भी हमे धीरे-2 लेकर पीना चाहिए! मगर आप सोच रहे होंगे की इसका कारन क्या  है आपको यह तो  पता है है की हमारे अमाशय में अग्नि जलती है इस अग्नि को बढ़ाने  के लिए अम्ल की जरुरत होती है जिसे एसिड कहते है और यह एसिड हमारे मुह में लार के रूप में होता  है और यही लार हमारी अग्नि को बढाती है  जब हम चुसकि लेकर पानी पिते  है तो यह लार पानी के  साथ  मिल लकर अमाशय में
जाती है! और खाना पचाने की अग्नि को बढ़ाती है!जिसे हमारा खाना बढ़िया तरे से पच जाता है! और जो आदमी पानी धीरे-2 कर पियेगा वो कम  से कम 100 साल तक जियेगा! बिना किसे दवा और चिकित्सा के! यह बाघ बट जी कहते है!

  • ठंडा पानी कभी नहीं पिए!

बाघ बट जी कहते है की कभी भी पानी की गर्मी शरीर के तापमान के ऊपर न हो!जब आप ठंडा पानी पीते है तो पेट उसे गर्म करने में जुट जाता है! जिसके लिए अतिरिक्त ऊर्जा की आवशकता की जरुरत होती है! और वो ऊर्जा हमारे खून से लेता है! जिसे हमारे शरीर में खून की कमी हो जाती है!

दोस्तों कमेंट में बताये की आपको कैसा लगा ये पोस्ट जिसे हम आपको और भी  पोस्ट भेज सके!

2 Comments

  1. Muskan November 13, 2016
  2. HindIndia January 20, 2017

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