अध्यात्मक गुरु ओशो के अनमोल विचार | osho thoughts in hindi

  • अध्यात्मक गुरु ओशो के अनमोल विचार | osho thoughts in hindi  

  • INTRODUCTION


QUOTE 1:यहाँ कोई भी आपका सपना पूरा करने के लिए नहीं है! हर कोई अपनी तकदीर और अपनी हक़ीकत बनाने में लगा है!

QUOTE 2:कोई चुनाव मत करिए! जीवन को ऐसे अपनाइए जैसे वह अपनी समग्रता में है!

QUOTE 3:केवल वह लोग जो कुछ भी नही बनने के लिए तैयार है! प्रेम कर सकते है!

QUOTE 4:अगर आप बाकए में सच देखना चाहते है! तो न सहमती और नअसहमति में राय रखे!

QUOTE 5:उस तरह मत चलिए! जिस तरह डर आपको चलाये! उस तरह चलिए जिस तरह प्रेम आपको चलाये! उस तरह चलिए जिस तरह ख़ुशी आपको चलाये!

QUOTE 6:जब प्यार और नफरत दोनों ही नहीं होती है! तो हर चीज साफ़ और स्पष्ट हो जाती है!

QUOTE 7:जीवन ठहराव और गति के बीच का संतुलन है!

QUOTE 8:मूर्ख लोग दूसरों पर हँसते है! बुद्धिमत्ता खुद पर

QUOTE 9:आप जितने लोगों को चाहें उतने लोगों को प्यार कर सकते है! इसका ये मतलब नहीं है! कि आप एक दिन दिवालिया हो जायेंगे! और आप कहेंगे कि अब मेरे पास प्रेम नहीं है! जहाँ तक प्रेम का सवाल है! आप दिवालिया नहीं हो सकते है!

QUOTE 10:किसी से भी किसी तरह की प्रतिस्पर्धा की आवश्यकता नहीं होती है! आप स्वयं में जैसे है! एकदम सही है! खुद को स्वीकारिये!

QUOTE 12:मित्रता शुद्धतम प्रेम है! ये प्रेम का सर्वोच्च रूप है! जहाँ कुछ भी नहीं माँगा जाता है! कोई शर्त नहीं होती है! जहां बस देने में आनंद आता है!

QUOTE 13:कोई प्रबुद्ध कैसे बन सकता है! या बन सकता है! क्योंकि वो प्रबुद्ध होता है! उसे बस इस तथ्य को पहचाना होता है!

QUOTE 14: सवाल यह नहीं है! कि आपने कितना सीखा जा सकता है! इसके उलट है! सवाल ये है! कि कितना भुलाया जा सकता है!

QUOTE 15:अर्थ मनुष्य द्वारा बनाये गए है!और चूँकि आप लगातार अर्थ जानने में लगे रहते है! इसलिए आप अर्थहीन महसूस करने लगते है!

QUOTE 16:यदि आप एक दर्पण बन सकते है! तो आप एक ध्यानी बन सकते है! ध्यान दर्पण में देखने की कला है! और अब, आपके अन्दर कोई विचार नहीं चलता इसलिए कोई व्याकुलता नहीं होती है!

QUOTE 17:जिस दिन आप ने सोच लिया! कि आपने ज्ञान पा लिया है! आपकी मृत्यु हो जाती है! क्योंकि अब ना कोई आश्चर्य होगा! ना कोई आनंद और ना कोई अचरज अब आप एक मृत जीवन जियेंगे!

QUOTE 18:आत्मज्ञान एक समझ है! कि यही सबकुछ है! यही बिलकुल सही है! बस यही है! आत्मज्ञान कोई उपलब्धि नही है! यह ये जानना है! कि ना कुछ पाना है! और ना ही कहीं जाना है!

QUOTE 19:जैन एक ऐसा धर्म है! जो एकाएक आत्मज्ञान सीखता है! इसका कहना है! कि आत्मज्ञान में समय नहीं लगता है! ये बस कुछ ही क्षणों में हो जाता है!

QUOTE 20:आप वह बन जाते है! जो आप सोचते है! कि आप है!

QUOTE 21:जब मैं कहता हूँ! कि आप देवी-देवता है! तो मेरा मतलब होता है! कि आप में अनंत संभावनाएं है! आपकी क्षमताएं अनंत है!

QUOTE 22:प्रसन्ता सदभाव की छाया है! वह सदभाव का पीछा करती है! प्रशन रहने का कोई और तरीका नहीं है!

QUOTE 23:जीवन कोई त्रासदी नहीं है! ये एक हास्य है! जीवित रहने का मतलब है! कि हास्य का बोध होना!

QUOTE 24:जैन लोग बुद्ध को इतना प्यार करते है! कि वो उनका मज़ाक भी उड़ा सकते है! ये अथाह प्रेम कि वजह से है! उनमे इसके लिए डर नहीं है!

QUOTE 24:अधिक से अधिक भोले कम ज्ञानी और बच्चों की तरह बनिए! जीवन को मजे के रूप में लीजिये! क्योंकि वास्तविकता में यही जीवन है!

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