भारत आने वाले 25 वर्षों में विकसित राष्ट्र बन जायेगा : प्रधानमंत्री मोदी ने कहा

ByShubham Maurya

Aug 16, 2022
India will be developed in 25 years

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष में जब पूरे भारत में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है, एक बहुत बड़ी घोषणा की है कि भारत आने वाले 25 सालों में साल 2047 तक, जब भारत अपनी आजादी के 100 वर्ष पूरे कर रहा होगा तब भारत एक विकसित राष्ट्र बन जाएगा।

भारत विकसित देश बनने के सफ़र में कहाँ पर है ?

भारत सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा लक्ष्य रखा है कि भारत आने वाले 25 वर्षों में विकसित देश बन जाएगा और प्रधानमंत्री मोदी ने पूरे देश को सुझाव भी दिया है कि भारत के प्रत्येक नागरिक को पञ्च-प्रण लेने होंगे और इनका ईमानदारी से पालन करना होगा ताकि हम विकसित राष्ट्र बनने के सफ़र में आ रही चुनौतियों का सामना कर पाए।

भारत हाल ही में यू.के. (यूनाइटेड किंगडम) को पछाड़ पूरे विश्व की पाँचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, जिसकी जीडीपी $3.535 ट्रिलियन (वर्ल्ड बैंक के डेटा के अनुसार) है, जिसकी जीडीपी प्रति व्यक्ति आय लगभग $20,000 डॉलर है इसलिए भारत को विकासशील देश की श्रेणी में रखा जाता है।

भारत के विकसित बनने की राह में दो सबसे बड़ी चुनौती HDI (ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स) और PCI (पर कैपिटा इनकम) है, इस क्षेत्र में भारत को अभी बहुत काम करना है तभी भारत एक विकसित राष्ट्र बन पाएगा क्योंकि दूनिया भर में विकसित देश बनने के कोई मापदंड नहीं है लेकिन ज्यादातर पश्चिम देशों में यह माना जाता है कि जिस देश में HDI (ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स) सबसे अच्छा होता है, उस देश को विकसित मानते है, भारत का HDI (ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स) में कुछ ज्यादा अच्छा प्रदर्शन नहीं है।

किसी भी देश की जीडीपी उसके ग्रोथ को प्रदर्शित करती है कि “देश कितना कमा रहा है” लेकिन HDI यह बताता है कि “देश कितना विकास कर रहा है”, HDI को किसी भी देश की GDP से अच्छा माना जाता है क्योंकि इसमें लोगों के जीवन से जुड़ी बेसिक चीजों जैसे-शिक्षा, स्वास्थ्य के सभी महत्वपूर्ण तथ्यों को ध्यान में रखा जाता है, जिस देश का HDI जितना अच्छा होता है, माना जाता है कि वहां पर लोगो की जिंदगी उच्च गुणवत्ता वाली होती है। किसी भी देश के विकसित होने में HDI को बहुत ही महत्वपूर्ण बिंदु समझा जाता है इसलिए जो देश HDI में बहुत अच्छा प्रदर्शन करते है, उन्हें विकसित राष्ट्र मान लिया जाता है।

विकसित देश बनने के लिए HDI के अलावा एक अन्य महत्वपूर्ण बिंदु PCI (Per Capita Income) भी है, जिसमें यह देखा जाता है कि किसी देश में लोगों के खर्च करने की कितनी क्षमता है, अगर हम पश्चिम देशो को देखे जहाँ पर छोटे-छोटे देशों की PCI $50,000 डॉलर के आस-पास है, उनके लोगों के खर्च करने की क्षमता अन्य देशों के लोगो से बेहतर होती है।

चाइना जिसकी PCI (Per Capita Income) अभी $10.5 हज़ार डॉलर है, इसलिए चाइना को भी विकासशील देश की श्रेणी में रखा जाता है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि जिस देश की PCI $20 हज़ार डॉलर से ज्यादा होती है, उन्ही को विकसित राष्ट्र माना जाता है लेकिन विकसित देश बनने का मुख्य कारण HDI को ही माना जाता है। भारत की PCI वर्तमान में $2500 डॉलर है, जिसमे भारत को अभी बहुत तरक्की करनी है।

अतः जब किसी देश की PCI (Per Capita Income) $20 हज़ार डॉलर से ज्यादा और HDI (ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स) का कुल स्कोर 0.800 के पार होता है, तो उसे विकसित देश मान लिया जाता है।

यूएन (यूनाइटेड नेशन) की आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार भारत का HDI स्कोर वर्तमान में 0.645 है और सभी देशो में 131वें स्थान पर है, भारत को इसे सुधारने के लिए काफ़ी प्रयास करने होंगे और HDI के स्कोर को बढ़ाकर 0.800 तक पहुंचाना होगा इसके लिए भारत सरकार को अपने देश की शिक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य पर बहुत काम करना होगा तभी भारत एक विकसित राष्ट्र बन पाएगा।

देश के सामने चुनौतियां, विकसित देश बनने के सफ़र में

विकसित राष्ट्र बनने के लिए भारत की राह में सबसे बड़ी चुनौति कच्चे-तेल को लेकर है क्योंकि भारत की आवश्यकता का 85% कच्चा तेल का आयात किया जाता है, जिससे भारतीय रुपया लगातार बाहर जाने के कारण इसकी किमत डॉलर के मुकाबले लगातार गिरती रहती है, जिसके कारण भारत का आयात बहुत महंगा हो जाता है और देश में महंगाई भी बढ़ जाती है। हाल ही में ख़बर सामने आयी है कि RBI (रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया) ने अपने विदेशी मुद्रा भंडार (फोरेक्स रिज़र्व) का इस्तेमाल करके भारतीय रूपए को गिरने से बचाया है, जिसके कारण भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार गिर रहा है।

यह भी जाने-भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (forex reserves) $80 बिलियन गिर गया, बड़ा आर्थिक नुकसान

अगर हम रूपए को बाहर जाने से बचा ले तो इसका उपयोग हम अपने देश की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के लिए कर सकता है, अतः एनर्जी के क्षेत्र में भारत को आत्म निर्भर बनना बहुत जरुरी है।

भारत के सामने दूसरी सबसे बड़ी चुनौती भ्रष्टाचार को लेकर है, अगर हम “ट्रांसपेरेंसी” के करप्शन परसेप्शन इंडेक्स को देखते है, जिसमे भारत 88वें नंबर पर है पता चलता है कि भारत में भ्रष्टाचार बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दा है, भारत को इसमें भी सुधार करना होगा।

महिला शशक्तिकरण : देश के विकास में भागीदारी

भारत को अगर विकसित राष्ट्र बनना है तो हमे महिला शशक्तिकरण पर भी विशेष ध्यान देना होगा और भारत में आधी आबादी को विकास के कार्यों से जोड़ना होगा क्योंकि अगर हम विकसित देशों को देखे तो वहां पर उनकी अर्थव्यवस्था में महिलाओं का बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान होता है।

अतः भारत को महिला शशक्तिकरण को बढ़ावा देना होगा और उनके सामने विकल्पों को बढ़ाना होगा तथा महिला सुरक्षा में कठोर से कठोर कानून बनाना होगा ताकि उनको काम करने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

भारत को विकसित बनाने के लिए हम सब को एकजुट होकर अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करना होगा ताकि भारत अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर “आत्मनिर्भर” भारत के सपने को साकार कर एक विकसित राष्ट्र बन पाए।

यह भी पढ़े-गूगल स्ट्रीट व्यू फीचर क्या है ?