भारत का पहला सेमीकंडक्टर प्लांट | India’s first semiconductor plant in Gujarat in hindi

Indias first semiconductor plant

हाल ही में भारत की कंपनी वेदांता और ताईवानी कंपनी फोक्स्कोन ने संयुक्त उद्यम द्वारा गुजरात में भारत का पहला सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू करने की बात कही है। इन दोनों कंपनी द्वारा निर्मित सेमीकंडक्टर प्लांट जो भारत में बनाया जाएगा बहुत ही महत्वपूर्ण होगा, यह भारत के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है, वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा है और यह भी कहा है कि जो लैपटॉप 1 लाख रु के है, इस प्लांट के लगने से वो भविष्य में 40000 रु के हो जायेंगे।

भारत के लिए अच्छी खबर :

भारत की कंपनी वेदांता और ताईवानी कंपनी फोक्स्कोन जो भारत में सेमीकंडक्टर का उत्पादन करेंगी उसको (60-40%) के संयुक्त उद्यम द्वारा संचालित किया जायेगा, जिसमे भारत की कंपनी वेदांता $20 बिलियन का निवेश करेगी। यह भारत के लिए बहुत ही अच्छी ख़बर है क्योंकि इससे भारत में कई नौकरियाँ उत्पन्न होंगी और भारत की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।

chairman of vedanta anil agarwal tweet against semiconductor manufacturing in india

इस प्रोजेक्ट पर विवाद भी खड़ा हो गया है ?

माना जा रहा था कि यह सेमीकंडक्टर प्लांट पहले मुंबई में लगने वाला था जिसको बदलकर गुजरात में कर दिया गया है, जिसको लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने वेदांता और फोक्स्कोन के बीच हुए समझौता की जाँच कराने की मांग की है लेकिन वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने स्पष्ठ रूप से कहा है कि भारत में सेमीकंडक्टर की मैन्युफैक्चरिंग गुजरात और मुंबई दोनों स्टेट में की जाएगी लेकिन इसका पहला फेज गुजरात में लांच किया जायेगा।

भारत बहुत सालों से कोशिश कर रहा था कि सेमीकंडक्टर का उत्पादन भारत में हो इसके लिए कई बड़ी कंपनियों से बात-चीत की जा रही थी लेकिन कोई भी कंपनी भारत में उत्पादन करने को तैयार ही नहीं थी लेकिन देखा जा रहा है कि भारत की PLI (Production Linked Incentive) स्कीम जिसके तहत भारत सरकार ने $10 बिलियन का पैकेज भारत में सेमीकंडक्टर की मैन्युफैक्चरिंग करने के लिय देने की घोषणा की है, जिसके कारण बड़ी कंपनी भारत में सेमीकंडक्टर की मैन्युफैक्चरिंग करने के लिए काफी उत्साहित है।

सेमीकंडक्टर की मैन्युफैक्चरिंग भारत में होने से क्या फायदा होगा ?

भारत को अगर मेक इन इंडिया को आगे बढ़ाना है तो इसके लिए बहुत ही जरूरी है कि सेमीकंडक्टर की मैन्युफैक्चरिंग भारत में ही हो क्योंकि अगर भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट में अपना खुद का ब्रांड बनाना है तो मेक इन इंडिया द्वारा निर्मित चिप ही, जिससे भारत चाइना जैसे बड़े फ़ोन उत्पादक देश को पीछे छोड़ पायेगा।

भारत में सेमीकंडक्टर चिप को अभी बाहर के देशों से मंगाया जाता है जिस पर आयात शुल्क लगता है, जिससे भारत में बनने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट बहुत ही महंगे हो जाते है, इस प्लांट के लगने से भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट की किमत कम हो जाएगी तथा भारत खुद का भी एक ब्रांड बना पायेगा।

मिलेंगी 1 लाख नौकरियां :

भारत सरकार की PLI स्कीम बहुत ही सफलतम रही है, जिसके कारण दूसरे देशों की बड़ी कंपनियां भारत में निवेश कर रही है जिससे भारत में नौकरियां भी उत्पन्न हो रही है। वेदांता और फोक्स्कोन के बीच सेमीकंडक्टर की मैन्युफैक्चरिंग भारत में करना एक ऐतिहासिक अवसर है, जिससे मेक इन इंडिया को भी बढ़ावा मिलेगा।

भारत की वेदांता कंपनी 1.54 लाख करोड़ का निवेश करेगी भारत में जिससे भारत के आत्मनिर्भर सिलिकॉन वैली बनने का सपना भी साकार हो पायेगा और बताया जाता है कि इससे भारत में 1 लाख नौकरियां भी उत्पन्न होंगी । भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट कर कहा है कि यह सेमीकंडक्टर प्लांट भारत के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है जो भारत की अर्थव्यवस्था और नौकरियां दोनों को बढ़ाने में इसका महत्वपूर्ण योगदान होगा। इससे हमारे देश के MSME (Micro Small And Medium Enterprises) को भी फायदा होगा क्योंकि यह कंपनी भारत में न सिर्फ सेमीकंडक्टर की मैन्युफैक्चरिंग करेगी बल्कि डिस्प्ले यूनिट भी बनाएगी।

भारत में सेमीकंडक्टर की मैन्युफैक्चरिंग होने से हम भविष्य में, भारत के टीवी ब्रांड्स, मोबाइल फ़ोन ब्रांड्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट के ब्रांड की नीव रखने जा रहे है जो भारत के मेक इन इंडिया को बढ़ाने का काम भी करेगा। उम्मीद यही है कि ऐसे बहुत सारे प्लांट भारत में बने ताकि भारत, चीन के साथ-साथ अमेरिका से भी आगे निकल पाए और ग्लोबल सप्लाई चैन में भारत के स्टॉक को बढ़ा पाए।

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