भारत की Q1 FY23 की जीडीपी ग्रोथ 13.5% पूरी दुनिया में सबसे तेज | India’s GDP growth rate in hindi

ByShubham Maurya

Sep 2, 2022
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हाल ही में NSO (National Statistical Office) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट के आंकड़े सामने आ चुके हैं, जिसमें भारत में क्वार्टरली बेसिस पर अप्रैल से जून तक 13.5% की जीडीपी ग्रोथ रेट देखी गई है, जो बाकी देशों की तुलना में बहुत ज्यादा है तथा भारत पूरी दुनिया में सबसे तेज ग्रोथ वाली अर्थव्यवस्था भी बन गई है।

भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट की अन्य विकसित देशों से तुलना :

अगर हम भारत की तुलना बाकी देशों से करते हैं तो भारत इकोनॉमिक ग्रोथ में अन्य विकसित देशों से काफी आगे हैं, भारत जिसने इकोनॉमिक ग्रोथ के मामले में पूरी दुनिया में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है। नीचे दिए गए आंकड़ो से आप पता कर सकते है कि कुछ बड़े देशों की इकोनॉमिक ग्रोथ पहले क्वार्टर में कैसी रही है-

जीडीपी ग्रोथ रेट

भारत दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गयी है :

भारत में जीडीपी ग्रोथ रेट के आंकड़ो को निराशाजनक क्यों माना जा रहा है ?

भारत जिसने इकोनॉमिक ग्रोथ के मामले में पूरी दुनिया में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है, फिर भी भारत में इस आंकड़ों को निराशा जनक माना जा रहा है, इसका मुख्य कारण है भारतीय अर्थव्यवस्था से बहुत ज्यादा उम्मीदें क्योंकि हाल है में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने कहा था कि भारत वर्तमान वित्त वर्ष 2022-23 के पहले क्वाटर में 16% से इकनोमिक ग्रोथ कर सकता है तथा बाकी वर्ल्ड मीडिया ने भी भारतीय इकोनॉमिक ग्रोथ के मामले में अच्छी टिप्पणी की थी, जैसे- अमेरिकी न्यूज़ एजेंसी ने कहा था कि भारत पहले क्वार्टर में जीडीपी ग्रोथ के मामले में 15.2% से वृद्धि करेगा तथा ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार बताया गया था कि भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 15.3% से आगे बढ़ेगी इन सबकी उम्मीदों के अनुसार भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट इतनी नहीं बढ़ी है जितनी उम्मीद की गई थी, इसलिए कहा जा रहा है कि भारत को अभी बहुत कुछ करने की आवश्यकता है ताकि हमारे देश की जीडीपी ग्रोथ रेट और तेजी से बढ़ सके।

पिछले वित्त वर्ष 2021-22 में भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट पहले क्वार्टर में 20.1% थी, जिसकी तुलना वर्तमान के वित्त वर्ष 2022-23 से करे तो भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट पहले क्वार्टर में 13.5% है, इसका मतलब वर्तमान वित्त वर्ष 2022-23 में पूरे साल की भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 7-7.5% रहने वाली है, यह हमारे वित्त सचिव टीवी सोमनाथन ने कहा है।

यद्यपि भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट बहुत अच्छी है लेकिन फिर भी पूरी दुनिया को भारत से बहुत ज्यादा उम्मीद है. अमेरिका की बहुत ही प्रमुख क्रेडिट एजेंसी मूडीज ने यह कहा था कि भारत वित्त वर्ष 2022-23 में 8-8.5% की जीडीपी ग्रोथ रेट से आगे बढ़ेगा लेकिन भारत के वर्तमान आंकड़ो को देखते हुए इस एजेंसी ने भी भारत की पूरे साल की जीडीपी ग्रोथ रेट को कम कर दिया है और कहा है कि भारत पूरे साल 7.7% की जीडीपी ग्रोथ रेट से आगे बढ़ेगा जो काफी नहीं है।

भारत में बेरोज़गारी :

दुनिया के कई अर्थशास्त्री, वित्तमंत्री ने कहा है कि अगर भारत को लगातार अपनी जनता को नौकरी देनी है, तो भारत को आने वाले 25 वर्षों तक 8-10% की जीडीपी ग्रोथ रेट से आगे बढ़ना होगा क्योंकि भारत में बेरोजगारी एक बहुत ही बड़ा मुद्दा है। हमारे देश को और नौकरियां चाहिए क्योंकि भारत की एक बहुत बड़ी आबादी यंग पापुलेशन है जिनको नौकरियां चाहिए, अगर भारत को इस क्षेत्र में अच्छा करना है तथा अपने देश की एक बड़ी आबादी को नौकरी देनी है तो आने वाले 25 वर्षों तक भारत को 8-10% की जीडीपी ग्रोथ रेट से लगातार आगे बढ़ना होगा।

भारत की आर्थिक वृद्धी में सबसे ज्यादा योगदान किस क्षेत्र का है ?

भारत के वर्तमान वित्त वर्ष 2022-23 के आंकड़ों के अनुसार पहले क्वार्टर में भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट है 13.5% है, उसमें सबसे ज्यादा योगदान सर्विस सेक्टर का है, भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर उतनी तेजी से वृद्धि नहीं कर रहा जितना भारत को उम्मीद थी इसलिए भारत सरकार ने चाइनीज कंपनी को भी भारत में मैन्युफैक्चरिंग करने को कहा है ताकि हम मेक इन इंडिया को आगे बढ़ाकर इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकें।

भारत में महंगाई :

भारत की वर्तमान जीडीपी ग्रोथ रेट ने पहले क्वार्टर में बहुत ही अच्छा प्रदर्शन किया है, इसको ध्यान में रखकर भारत सरकार को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि भारत में महंगाई ना बढ़े क्योंकि भारत में वर्तमान महंगाई दर 7% है, जो बाकी देशों की तुलना में कम है जैसे- अमेरिका में इस समय महंगाई दर 8.5% , यूनाइटेड किंगडम में 10.1%, कैनेडा में 7.6% है। दुनिया भर में हम देख रहे हैं कि महंगाई दर बहुत ज्यादा है, जब मंगाई बहुत ज्यादा होती है तो सरकार के लिए बहुत ही मुश्किल हो जाता है टैक्स को बढ़ाना और कई तरीकों को अपनाना, जिससे देश की जीडीपी ग्रोथ रेट को बढ़ाया जा सके।

भारत में हम देखते है कि जब भी कोई आंकड़े प्रस्तुत किए जाते हैं, हम सोचते हैं कि वह सरकार की तरफ बायस है लेकिन हमारा कर्तव्य है कि हम इन आंकड़ों को एक फैक्ट की तरह देखें और किसी की तरफ बायस ना होकर अगर हम इन आंकड़ों को देखते है तो भारत की परफॉर्मेंस आर्थिक वृद्धि के मामले में बहुत अच्छी है लेकिन इसमें अभी और वृद्धि की जरूरत है ताकि हम अपनी यंग आबादी को ज्यादा से ज्यादा नौकरियां प्रदान कर पायें।

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