फेस रिकॉगनिशन तकनीक क्या है | Face Recognition Technique in hindi

ByShubham Maurya

Aug 23, 2022
FACE RECOGNITION TECHNIQUE

फेस रिकॉगनिशन तकनीक एक बायोमेट्रिक तकनीक है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक द्वारा चेहरे के विशेष फीचर का उपयोग अज्ञात लोगों के चेहरे को कैप्चर और स्कैन करके लोगों को अलग करने तथा व्यक्तिगत लोग को पहचानने का काम करता है।

यह तकनीक काम कैसे करती है ?

यह तकनीक ऑटोमेटेड फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम पर काम करती है, जिसमें लोगों के बहुत बड़े डेटा बेस को स्टोर किया जाता है, इसमें लोगों की फोटो, विडियो तथा उनसे जुडी सभी जानकारी स्टोर होती है।
इस तकनीक द्वारा अज्ञात व्यक्तियों के चेहरे को कैप्चर किया जाता है तथा अपने पास पहले से ही स्टोर्ड डेटा से स्कैन किया जाता है, अगर यह जानकारी उनके स्टोर्ड डेटा बेस से मैच होती हे तो उसकी पहचान करके वेरीफाई करने का काम किया जाता है।

यह पूरा प्रोसेस चार स्टेप में पूरा होता है-

कैपचरिंग एंड स्कैनिंग : यह सबसे पहले उस अज्ञात व्यक्ति की फोटो को खीचने और कैप्चर करने का काम करता है, फिर आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक द्वारा उस अज्ञात व्यक्ति के चेहरे के कोनों को जोड़कर विशेष पैटर्न से उसको अपने डेटा बेस में स्टोर्ड डेटा से स्कैन करने का काम करता है।

एक्सट्रैक्ट फेशियल डाटा : यह सिस्टम उस खीची गई फोटो से अपने स्टोर्ड डेटा बेस में स्थित एक्जिस्टिंग फेशियल डाटा को निकालने का काम करता है।

कंपेयरिंग डाटा : इस स्टेप में उस खीची गयी फोटो को अपने स्टोर्ड एक्जिस्टिंग डाटाबेस से मैच करने का काम किया जाता है।

मैचिंग एंड आईडेंटिफाई : यह सिस्टम उस अज्ञात व्यक्ति की फोटो को अपने डेटाबेस से मैच होने के बाद उसकी पहचान करके उसे वेरीफाई करने का काम करता है।

इस तकनीक के पूरे प्रोसेस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का सहारा लिया जाता है, जो अपनी विशेष आर्टिफिशियल तकनीक से अज्ञात व्यक्ति के चेहरे के सारे कोनों को जोड़कर, एक विशेष प्रकार का पैटर्न बनाता है, जिसे “न्यूरल नेटवर्क” कहते हैं।

दिल्ली पुलिस ने फेस रिकॉगनिशन तकनीक का उपयोग करना शुरू कर दिया है

हाल ही में दिल्ली पुलिस के द्वारा फेस रिकॉग्निशन तकनीक का उपयोग करके कई लापता बच्चों की पहचान की गई तथा उनके परिवार से मिलाया गया। नई दिल्ली स्थित डिजिटल राइट्स आर्गेनाइजेशन की इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली पुलिस ने फेस रिकॉगनिशन तकनीक का उपयोग करके जो भी आंकड़े प्राप्त किये है, उसमे 80% परिणामो को ही सकारात्क माना जा रहा है।

दिल्ली पुलिस फैसियल रिकॉग्निशन तकनीक का उपयोग लापता बच्चों को ट्रैक करने, उनको पहचानने के लिए कर रही है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने 2018 में एक निर्णय दिया था कि दिल्ली पुलिस इस तकनीक का उपयोग लापता बच्चों को पता लगाने के लिए कर सकती है, दिल्ली पुलिस ने इस तकनीक का इस्तेमाल 2020 में दिल्ली दंगों, लाल किले में हुए हिंसा तथा 2022 में हुए जहांगीरपुर दंगों में लोगों को पहचानने के लिए भी इसका उपयोग किया है।

तकनीक के फायदे :

इस तकनीक को अगर वर्तमान परिदृश्य से देखे तो यह तकनीक बहुत ही महत्वपूर्ण है, जैसे-

♦ इस तकनीक के आने से क्रिमिनल को पहचानकर उनको वेरीफाई करने में आसानी हो जाएगी।

♦ इस तकनीक द्वारा आसानी से किसी भी व्यक्ति को पहचाना जा सकता है।तथा किसी की भी फेक आईडी को भी आसानी से डिटेक्ट किया जा सकता है।

♦ यह तकनीक पुलिस की इन्वेस्टिगेशन योग्यता को बढ़ाने का भी काम करेगी।

चिंताएं

यह तकनीक बहुत ही महत्वपूर्ण है लेकिन इस तकनीक में सबसे बड़ी समस्या लोगों की प्राइवेसी को लेकर है क्योंकि ऐसा माना जा रहा है कि इस तकनीक में लोगों से अनुमति लिए बिना उनको आसानी से ट्रैक किया जा सकता है, जिससे उनकी प्राइवेसी का बहुत बड़ा खतरा है। इस तकनीक के आने से लोगों का मास सर्विलांस किया जा सकता है, जिसे सरकार अगर चाहे तो अपने अनुसार उपयोग कर सकती है।

इस तकनीक के वर्तमान युग में कई फायदे है लेकिन इस तकनीक द्वारा प्राप्त परिणामों में पारदर्शिता भी होनी चाहिए तथा इसकी सबसे बड़ी समस्या डाटा प्रोटेक्शन को लेकर है, जिस पर सरकार को एक मजबूत कानून भी बनाना चाहिए ताकि इस तकनीक का दुरूपयोग न हो पाए।

फेस रिकॉगनिशन तकनीक का अविष्कार किसने किया ?

शुरुवाती दौर में फेस रिकॉगनिशन का उपयोग वुडी ब्लेडसोए, हेलेन चन वुल्फ और चार्ल्स बिसन ने किया था। 1964 और 1965 में ब्लेडसो ने वुल्फ और बिसन के साथ कंप्यूटर का उपयोग करके इस तकनीक का प्रयोग किया था।

भारत के किस हवाई अड्डे पर फेस रिकॉगनिशन तकनीक शुरू की गयी है ?

इस साल 2022 से देश के चार हवाई अड्डों वाराणसी, कोल्कता, विजयवाड़ा, और पुणे पर अपने बोर्डिंग पास के रूप में “फेस स्कैन” का उपयोग कर सकेंगे जो फेस रिकॉगनिशन तकनीक पर आधारित होगा।

क्या फेस रिकॉगनिशन तकनीक AI पर आधारित होगी ?

फेस रिकॉगनिशन तकनीक AI अल्गोरिथम का उपयोग करके मनुष्यों का चेहरा पहचानने का काम करती है।

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