भारत 12000 रुपे से नीचे के चाइनीज़ स्मार्टफ़ोन को बैन नहीं करेगा

ByShubham Maurya

Aug 30, 2022
India not ban chinese smart phones

हाल ही में ख़बर आयी थी कि भारत ₹12000 तक के चाइनीज़ स्मार्टफोन को बैन करेगा, जिसे भारत की कई न्यूज़ एजेंसीयों द्वारा पूर्ण रूप से कवर भी किया गया था, जिसको भारत सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत चाइनीज़ स्मार्टफोन को बैन नहीं करेगा, यह हमारे देश के सूचना प्रौद्योगिकी के राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा है।

राजीव चंद्रशेखर ने देश को यह भी बताया है कि अमेरिका और ताईवानी कंपनी ने भारत में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग के लिए आवेदन करना शुरू कर दिया है, यह सब भारत सरकार के PLI (Production Link Incentive) स्कीम के अंतर्गत हो पाया है, जिसमें भारत सरकार उन कंपनियों को जो भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स गुड्स की मैन्युफैक्चरिंग करती है, उनको कई प्रकार के इंसेंटिव देगी और उनके प्रोडक्शन प्लांट के लिए मुफ्त में जमींन भी मुहैया कराएगी।

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हाल ही में भारत के लिए एक बड़ी ख़बर यह भी सामने आयी है कि भारत के जाने माने बिजनेसमैन मुकेश अम्बानी की कंपनी भारत में जिओ 5G फ़ोन लेकर आने वाली है जिसकी किमत 12000 रुपे से कम होगी, जो अगले साल 2023 तक मार्केट में आ सकते है और यह भी देखना होगा कि इतने भारी कम्पटीशन में जिओ भारतीय मार्केट में अपनी जगह कैसे बना पाती है।

भारत सरकार ने चाइनीज़ स्मार्टफ़ोन को बैन क्यों नहीं किया ?

भारत सरकार के चाइनीज़ स्मार्टफोन बैन को लेकर पूरे देश से समर्थन मिल रहा था क्योंकि भारत के इस फैसले से भारत के स्मार्ट फ़ोन मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी को बढ़ावा मिलता क्योंकि भारतीय स्मार्ट फ़ोन कंपनिया अभी चाइना द्वारा निर्मित स्मार्ट फ़ोन जैसे- वीवो, ओप्पो, जिओमी से काफी पीछे है और भारतीय स्मार्ट फ़ोन मार्केट पर चाइना का कब्ज़ा है, जिसे भारत द्वारा चाइनीज़ स्मार्टफोन बैन से रोका जा सकता था।

भारत सरकार चाहती है कि चाइना की बड़ी स्मार्ट फ़ोन कम्पनियां जैसे- वीवो, ओप्पो, जिओमी अदि भारत में मेक इन इंडिया के तेहत अपने फ़ोन की मैन्युफैक्चरिंग को भारत में करे ताकि मेक इन इंडिया निर्मित स्मार्ट फोंस को अफ्रीका, यूरोप और अन्य देशो में निर्यात किया जा सके।

भारत सरकार चाइनीज़ स्मार्टफोन कंपनी की मदद क्यों चाहती है ?

भारत सरकार ने लक्ष्य रखा है कि भारत अपने इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट के उत्पाद को बढ़ाकर $300 बिलियन करेगा तथा इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट जैसे- लैपटॉप, स्मार्ट फोंस, टीवी आदि के निर्यात को बढ़ाकर 2025-26 तक $120 बिलियन करना चाहता है इसलिए भारत सरकार ने चाइनीज़ स्मार्टफोन कंपनी पर बैन नहीं लगाया तथा भारत यह भी चाहता है कि चाइना की स्मार्ट फ़ोन मैन्युफैक्चरिंग कंपनी भारत में ही उत्पादन करे क्योंकि अभी ये कंपनियां अपने देश में फ़ोन को बनाकर भारत में बेचती है और भारत को एक बाज़ार की तरह इस्तेमाल करती है। इन फ़ोन के भारत में बनने से देश की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा तथा कई नौकरियो का भी सृजन होगा।

हमारे देश की एक बहुत बड़ी आबादी का हिस्सा, एक यूथ पापुलेशन है, जिसको नौकरी की आवश्यकता है, बेरोज़गारी हमारे देश का एक अहम् मुद्दा है, अगर भारत सरकार अपनी यंग आबादी को नौकरी देना चाहती है तो भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 10% हर साल रहनी चाहिए इसलिए भारत सरकार ने चाइनीज़ स्मार्टफोन कंपनी को भारत में रहकर उत्पादन करने को कहा है, जिससे देश में लाखों नौकरियां उत्पन्न हो सके।

भारत की जीडीपी ग्रोथ 13.5% पूरी दुनिया में सबसे तेज

भारत अगर अपने इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद के लक्ष्य को प्राप्त करना चाहता है, जो 2025-26 तक $300 बिलियन का है, तो हमे मेक इन इंडिया के तेहत भारत में ही इनका उत्पादन करना होगा। भारत की वर्तमान इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट के उत्पादन की क्षमता सिर्फ $76 बिलियन है जो अभी बहुत कम है इसलिए भारत सरकार को अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए चाइनीज़ स्मार्टफोन कंपनियों की मदद लेनी पड़ रही है।

भारत सरकार का कहना है कि चाइनीज़ स्मार्टफोन कंपनी की भारत में कुल आय $76 बिलियन है तथा यह कंपनी भारत में न के बराबर उत्पादन करती है, इसलिए भारत सरकार ने इन कंपनी को कहा है कि यह भारत में अपनी उत्पादन क्षमता को बढाए।

भारत के प्रयासों और कई स्कीमों के कारण अमेरिकन और साउथ कोरिया की कंपनी एप्पल & सैमसंग ने बहुत बड़े स्तर पर भारत में स्मार्ट फ़ोन का उत्पादन करना शुरू भी कर दिया है। भारत सरकार ने अमेरिकन कंपनी एप्पल को कहा है कि यह अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर $50 बिलियन तक पहुंचाए, जिसमें स्मार्ट फोंन, टेबलेट, लैपटॉप आदि शामिल है।

भारत का स्मार्ट फ़ोन मार्केट इतना बड़ा है, जिसपर मुख्य रूप से चाइनीज़ स्मार्टफोन का कब्ज़ा है, साउथ कोरिया की कंपनी सैमसंग तथा अमेरिका की एप्पल भी भारतीय मार्केट में छाए हुए है, अब इतने मुश्किल वातावरण में अपने देश के भारतीय स्मार्ट फ़ोन ब्रांड को बना पाना काफी मुश्किल होगा। भारत सरकार के अथक प्रयासों के द्वारा मेक इन इंडिया के तहत एक “आत्म निर्भर” भारत बनाना होगा, जिसमें कई सफलतम प्रयास किये जा रहे है।

अतः भारत सरकार ने अपनी स्मार्ट फ़ोन मार्केट को सभी के लिए खुला छोड़ा है, ताकि एक आम आदमी को भी फायदा हो सके।

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