टाटा भारत में बनायेगा सस्ते Iphone, ताइवान की मदद से

ByShubham Maurya

Sep 13, 2022
tata grop manufacture iphone in india in hindi

टाटा ग्रुप ताइवान की कंपनी wistron से बातचीत कर रहा है, जिसमें दोनों कंपनी मिलकर भारत में आईफोन की मैन्युफैक्चरिंग कर सकते है, जिससे आईफोन की किमत भारत में कम हो जाएगी।

टाटा ग्रुप का यह बहुत ही महत्वपुर्ण क़दम है, भारत के एक्सपोर्ट को बढ़ाने के लिए

भारत ने मेक इन इंडिया को बढ़ावा देते हुए लक्ष्य रखा है कि भारत 2026 तक इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद के निर्यात को बढ़ाकर $120 बिलियन करना चाहता है, जिसके लिए यह कदम बहुत ही महत्वपुर्ण है जिससे भारत अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ा पायेगा।

टाटा ग्रुप के इस स्टेप से आम आदमी को भी बहुत फायदा होगा क्योंकि इससे आईफोन के दाम भारत में सस्ते हो जायेंगे।
वर्तमान समय में उदाहरण के लिए- आईफोन 14 प्रो मैक्स जिसकी किमत भारत में 1 लाख 39 हज़ार है तथा अमेरिका में इसकी किमत 87 हज़ार 631 रुपे है, अगर हम अन्य देशों को देखे तो वहाँ भी इसकी किमत भारत के मुकाबले काफी कम है।

भारत में आईफोन की किमत इतनी ज्यादा क्यों है ?

भारत में आईफोन की किमत अन्य देशों से काफ़ी ज्यादा है, इसका मुख्य कारण आईफोन को बनाने के लिए जिन पार्ट्स की जरुरत होती है उनको दूसरे देशो से मंगाया जाता है, मुख्य रूप से चाइना और ताइवान से जिन पर 20% की इम्पोर्ट ड्यूटी लगती है जिससे इसकी किमत बढ़ जाती है। भारत में आईफोन की मैन्युफैक्चरिंग होने से इसकी किमत कम हो सकती है, लेकिन आईफोन को पूरी तरह से भारत में मैन्युफैक्चरिंग नहीं किया जायेगा बल्कि अस्सेम्बल ही किया जायेगा। भारत की टाटा ग्रुप ताइवान की कंपनी wistron से काफी कुछ सीखकर आईफोन के पार्ट्स को भारत में मैन्युफैक्चर भी कर सकती है, जिससे इसकी किमत भारत में कम हो जाएगी।

पूरी दुनिया में एप्पल की जो सप्लाई है उसमें सिर्फ 3-4% ही भारत में मैन्युफैक्चरिंग होते है, जिसको एप्पल बढ़ाना चाहता है। एप्पल वर्तमान वित्त वर्ष 2022-23 में भारत की एप्पल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढाकर 5-7% करना चाहता है। टाटा ग्रुप अगर ताईवानी कंपनी wistron के साथ मिलकर भारत में एप्पल की मैन्युफैक्चरिंग शुरू करते है तो आने वाले 2-3 सालों में एप्पल की ग्लोबल सप्लाई का 10-15% सिर्फ भारत में ही प्रोडक्शन होगा, जिससे भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद के निर्यात लक्ष्य को प्राप्त करने में आसानी हो सकती है।

वर्तमान समय में सबसे ज्यादा आईफोन चाइना और ताइवान में मैन्युफैक्चर किये जाते है और कुछ हिस्सा वियतनाम में भी होता है लेकिन एप्पल की मैन्युफैक्चरिंग में चाइना और ताइवान दो सबसे बड़े खिलाड़ी है।
ताइवान की दो सबसे बड़ी कंपनी फोक्सकॉन और wistron एप्पल के फ़ोन को मैन्युफैक्चरिंग करती है, फोक्सकॉन भारत में पहले से ही एप्पल की मैन्युफैक्चरिंग कर रही है, wistron ने 2017 में भारत में एप्पल की मैन्युफैक्चरिंग शुरू की थी जिसे वो लम्बे समय तक चला नहीं पाई लेकिन अब wistron भारत की टाटा ग्रुप के साथ जॉइंट वेंचर करके एप्पल की मैन्युफैक्चरिंग को भारत में फिर से शुरू करना चाहती है।

टाटा ग्रुप बनना चाहता है- OEM (Orignal Equipment Manufacturer)

एप्पल को मैन्युफैक्चरिंग करने के लिए जिन पार्ट्स की जरुरत होती है, उनको दूसरे देशों से मुख्यतः चाइना और ताइवान से मंगाया जाता है, जिस पर 20% का आयात शुल्क लगता है जिसके कारण आईफोन बहुत ज्यादा महंगा हो जाता है, इसलिए टाटा ग्रुप यह चाहता है कि PCBA (Printed Circuit Board Assembly) जिसकी मदद से आईफोन को बनाया जाता है इसको भारत में ही बनाये तथा आईफोन के पार्ट्स को दुसरे देशों से ना मंगाया जाये अपने देश में ही मैन्युफैक्चर किया जाये जिससे देश में जॉब्स भी क्रिएट हो सके इसलिए टाटा ग्रुप भारत में आईफोन का ओरिजनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चर बनना चाहता है, जिससे एप्पल की किमत कम हो पाए।

टाटा ग्रुप की ताइवानी कंपनी wistron के साथ जो पार्टनरशिप है इसका अभी आधिकारिक अनाउंसमेंट होना बाकि है, रिपोर्ट के अनुसार बताया जा रहा है कि दोनों कंपनियों के बीच बात काफी आगे बढ़ चुकी है और बहुत ही जल्द दोनों कंपनियों के बीच जॉइंट वेंचर के शुरू होने की खबर आ सकती है जिससे ताइवान और भारत के सम्बन्ध भी अच्छे होंगे।

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