About Us

HindiGlobe क्या है ?

HindiGlobe (Your Global Knowledge Partner) एक हिन्दी ब्लॉगिंग वेबसाइट हैं जिसमे अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न विषयों जैसे-वर्तमान Geopolitical Event(भू-राजनीतिक घटना),New Technology(नवीनतम प्रोदोगीकी ज्ञान),Financial News(वित्तीय समाचार) और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर नवीनतम जानकारी तथ्यों के आधार पर दी जाती है. HindiGlobe द्वारा प्रदान की गई सभी जानकारी स्वतंत्र निष्पक्ष तथा तथ्यों पर आधारित होती है, सभी विषयों पर दी गई जानकारी रिसर्च करके तथा नवीनतम तरीकों से उसके सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर सरल भाषा में समझाने का प्रयास किया जाता है. HindiGlobe अपने पाठकों की रूचि एवं उनकी इच्छा अनुसार कंटेंट तैयार करते हैं जो कि तथ्यों पर आधारित होता है।

HindiGlobe का उद्देश्य-

आप सभी जानते हैं कि हिंदी भाषा पूरे विश्व की तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है. उसके बावजूद हिंदी United Nation (संयुक्त राष्ट्र) की official Language (आधिकारिक भाषा) में शामिल नहीं है. HindiGlobe का उद्देश्य हिंदी को बढ़ावा देना तथा उत्तम कंटेंट अपने पाठकों तक पहुंचाना है. हिंदी में उत्तम कंटेंट की कमी होने के कारण हमारा उद्देश्य यह भी है कि हम अपने पाठकों को स्वतंत्र व निष्पक्ष रुप से तथ्यों पर आधारित कंटेंट प्रदान कर सके ताकि हमारा कंटेंट उनके जीवन में कुछ मूल्य संवर्धित कर सके।
HindiGlobe के Founder(संस्थापक) Shubham Maurya एक UPSC (Union Public Service Commission) Aspirant हैं जो कि तथ्यों पर आधारित कंटेंट एवं सही जानकारी अपने पाठकों तक पहुंचाने के लिए कठिन परिश्रम करते हैं।

मैं कौन हूँ : Shubham Maurya

मेरा नाम Shubham Maurya है और मैं उत्तर प्रदेश के पवित्र शहर अयोध्या का रहने वाला हूं, मैं एक इंजीनियर हूं और एक ब्लॉगर भी हूं। मैंने अजय कुमार गर्ग इंजीनियरिंग कॉलेज (AKGEC) गाजियाबाद से इंजीनियरिंग की पढाई पूरी की है। मैं एक UPSC (Union Public Service Commission) Aspirant भी हूं जिसके कारण में अपने पाठकों को सही तथा तथ्यों पर आधारित जानकारी पहुंचा पाता हूं, मेरा लक्ष्य अपनी मातृभाषा हिंदी को बढ़ावा देना तथा क्वालिटी कंटेंट को अपने पाठकों तक पहुंचाना है, ताकि मैं उनके जीवन में कुछ मूल्य संवर्धित कर सकूं जिससे हम सब मिलकर एक साक्षर सोसाइटी का निर्माण करें, हमारा लक्ष्य वैज्ञानिक स्वभाव को बढ़ावा देना ताकि हम एक विकसित सोसाइटी का निर्माण कर सकें।